Yadav, Chathi Ram

Sanskritik Punarjagran Aur Chayavadi kavaya /Chathi Ram Yadav - New Delhi: Anamika Publishers & Distributors Pvt.Ltd, 2016. - 282p. ; 22cm.

सांस्कृतिक पुनर्जागरण और छायावादी कविता (लगभग 1918-1936) भारतीय इतिहास के एक ऐसे दौर को दर्शाते हैं जहाँ गुलामी के दौर में राष्ट्रप्रेम, अतीत के गौरव और सांस्कृतिक चेतना का संचार हुआ। छायावादी कवियों (प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी) ने मानवीय भावनाओं, प्रकृति प्रेम के माध्यम से सूक्ष्म राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक नवजागरण को रेखांकित किया।


Hindi

978-8179756898


छायावादी काव्य
सांस्कृतिक पुनर्जागरण

H3109 Y12S