TY - BOOK AU - Yadav, Chathi Ram TI - Sanskritik Punarjagran Aur Chayavadi kavaya SN - 978-8179756898 U1 - H3109 Y12S PY - 2016/// CY - New Delhi PB - Anamika Publishers & Distributors Pvt.Ltd, KW - छायावादी काव्य KW - सांस्कृतिक पुनर्जागरण N2 - सांस्कृतिक पुनर्जागरण और छायावादी कविता (लगभग 1918-1936) भारतीय इतिहास के एक ऐसे दौर को दर्शाते हैं जहाँ गुलामी के दौर में राष्ट्रप्रेम, अतीत के गौरव और सांस्कृतिक चेतना का संचार हुआ। छायावादी कवियों (प्रसाद, पंत, निराला, महादेवी) ने मानवीय भावनाओं, प्रकृति प्रेम के माध्यम से सूक्ष्म राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक नवजागरण को रेखांकित किया। ER -