Bhakti Samvedana Aur Manav Mulya
/Anil Rai
- New Delhi: Nayee Kitab Prakashan, 2024.
- 171p. ; 19cm.
भक्ति संवेदना और मानव मूल्य
भक्ति संवेदना ने मानव मूल्यों की स्थापना में महती भूमिका निभाई है। जाति–पाति, अमीर–गरीब आदि विषमतामूलक बातों की उपेक्षा करते हुए भक्त कवियों ने समतामूलक समाज की परिकल्पना की जिसमें समाज के सभी लोग समान भूमि पर विचरण कर सकें। भक्ति की निर्गुण और सगुण–दोनों ही धाराओं ने भक्ति संवेदना के आधार पर मानव मूल्यों को सर्वोपरि रखा, भले ही उनकी साधना–पद्धति अलग–अलग रही।