000 01531nam a22002177a 4500
003 RNL
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020 _a9788197824791
040 _aRCL
082 _aH309 K34B
100 _aBharti, Kanwal
_930324
245 _aBhakti Andolan Aur Nirgun Kranti
_c/Kanwal Bharti
260 _aNew Delhi:
_bSwaraj Prakashan,
_c2025.
300 _a196p. ; 22cm.
520 _aइस पुस्तक में कुल बीस आलेख हैं, जिसमें से पांच भक्ति आंदोलन पर, तीन कबीर पर, छह रैदास पर (एक आलेख में मीरा पर कुछ पृष्ठ लिखे गए हैं), एक अक्क महादेवी पर तथा पांच अन्य विषयों पर। इस पुस्तक का प्रथम आलेख ‘भक्ति-आंदोलन : एक पुनर्पाठ’ (2024) में आलोचक कंवल भारती तथ्यों तथा अपनी परिकल्पना के आधार पर भक्ति आंदोलन की तार्किक वैकल्पिक व्याख्या प्रस्तुत करते हैं।
546 _aHindi
650 _aBhakti Andolan
_927071
650 _aभक्ति आन्दोलन और निर्गुण- क्रांति
_930325
942 _cBK
999 _c47712
_d47712