| 000 | 01447nam a22002057a 4500 | ||
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| 003 | RNL | ||
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| 020 | _a9788179758748 | ||
| 040 | _aRCL | ||
| 082 | _aH3091 Y12A | ||
| 100 |
_aYadav, Chauthiram _930349 |
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| 245 |
_aAadhunikta Ka Lokpaksh Aur Sahitya _c/Chauthiram Yadav |
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| 260 |
_aNew Delhi: _bMedha Publishing House, _c2019. |
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| 300 | _a200p. ; 23cm. | ||
| 520 | _a"आधुनिकता का लोकपक्ष और साहित्य" हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण कृति है जो आधुनिकता के लोक-सांस्कृतिक पहलुओं और उसके साहित्य पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण करती है, जिसमें उन्होंने भारतीय समाज के जन-आंदोलनों, लोक-परंपराओं और बहुजन चेतना को केंद्र में रखकर साहित्य की समीक्षा की है, और यह पुस्तक उनके व्यापक लेखन और बहुजन विमर्श की समझ को दर्शाती है. | ||
| 546 | _aHindi | ||
| 650 | _aHindi Literature | ||
| 942 | _cBK | ||
| 999 |
_c47730 _d47730 |
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