000 01481nam a22002057a 4500
003 RNL
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008 260220b |||||||| |||| 00| 0 eng d
020 _a978-9391524180
040 _aRCL
082 _aH309 P24A
100 _aParakh, Jwarimal
_926170
245 _aAdhunik Hindi Sahitya :
_bMulyakan Aur Punarmulyakan
_c/Jwarimal Parakh
260 _aNew Delhi:
_bAnamika Publisher,
_c2022.
300 _a254p. ; 23cm.
520 _aआधुनिक हिंदी साहित्य (1843-अब तक) रीतिकाल से आधुनिकता के संक्रमण, भारतेन्दु युग से नई कविता तक, साम्राज्यवाद-विरोधी चेतना, पुनर्जागरण, और यथार्थवाद का दौर है। इसका मूल्यांकन राष्ट्र निर्माण, जन-सरोकार, और सामाजिक बदलाव के आधार पर होता है, जबकि पुनर्सेमूल्यांकन अस्मिता, लिंग, और उत्तर-औपनिवेशिक दृष्टिकोण से परंपरा की प्रासंगिकता को नए सिरे से परिभाषित करता है
546 _aHindi
650 _aModern hindi literature
_930497
942 _cBK
999 _c47821
_d47821