| 000 | 01588nam a22002177a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 003 | RNL | ||
| 005 | 20260223075414.0 | ||
| 008 | 260223b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a9788179755549 | ||
| 020 | _a8179755541 | ||
| 040 | _aRCL | ||
| 082 | _aH308624 M58A | ||
| 100 |
_aMeena, Ganga Sahay _930535 |
||
| 245 |
_aAadivasi Sahitya Vimarsh _c/Ganga Sahay Meena |
||
| 260 |
_aNew Delhi: _bAnamika Publishers, _c2014. |
||
| 300 | _a217p. | ||
| 520 | _aआदिवासी साहित्य विमर्शजवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गंगा सहाय मीनाद्वारा संपादित आदिवासी साहित्य पर एक महत्वपूर्ण आलोचनात्मक पुस्तक है । अनामिका पब्लिशर्स द्वारा 2013-2014 में प्रकाशित यह पुस्तक आदिवासी समुदायों की अनूठी पहचान, संघर्ष, संस्कृति और भाषा का गहन विश्लेषण करती है और आदिवासी साहित्यिक आलोचना के लिए एक मूलभूत अकादमिक परिप्रेक्ष्य प्रदान करती है। | ||
| 546 | _aHindi | ||
| 650 |
_aCritical book on tribal literature _930536 |
||
| 942 | _cBK | ||
| 999 |
_c47842 _d47842 |
||