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040 _aRCL
082 _a305.48 T78B
100 _aTripathi, Sheela
_931223
245 _aBharat Ki Pramukh Nari Vibhutiyan
_c/ Sheela Tripathi, Sanjay Yadav
246 _aभारत की प्रमुख नारी विभूतियाँ
260 _aNew Delhi:
_bRaj Publication,
_c2024.
300 _a237p. ; 21cm.
520 _aस्वतंत्रता आंदोलन में, समाज सुधार में, नारी शिक्षा अभियान में तथा संस्कृति और कला के क्षेत्र में नारी विभूतियों के योगदान को इस पुस्तक में व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाली उनत्तीस भारतीय महिलाओं का परिचय दिया गया है। भारत की स्त्री शक्ति सदा से प्रेरणा का स्त्रोत रही है। पुरुष प्रधान समाज में रहते हुए भी इन नारियों ने आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र के लिए अनुकरणीय कार्य किए और अपनी क्षमता और दक्षता का परिचय देकर अपना लोहा मनवाया। यह पुस्तक ऐसी ही कुछ प्रमुख नारी विभूतियों की जीवनगाथा प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक में एक ओर जहाँ रानी चेनम्मा, रानी दुर्गावती, झलकारी बाई जैसी साहसी और बलिदानी महिलाओं की शौर्य गाथा का ब्यान है, तो दूसरी ओर सावित्री बाई फुले, पंडिता रमा बाई, एनी बेसेंट, अहिल्याबाई होलकर और तुलसी मुंडा के समाज सुधारक और सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध कार्यों को संजोया गया है। इसी प्रकार काली बाई, उदा देवी, फूलो और झानो तथा रानी गाइदिन्ल्यू की जनजातीय चेतना भी किसी से कम नहीं है।
546 _aHindi
650 _aProminent women personalities
_vIndia
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700 _aYadav, Sanjay
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