Hindi-patrakarita Ke Pratiman
Roy, Satish Kumar
Hindi-patrakarita Ke Pratiman /Satish Kumar Roy - New Delhi: Lokbharti Prakashan, 2024. - 228p. ; 24cm.
पुस्तक हिन्दी के चौदह उन सम्पादकों पर केन्द्रित है जिन्होंने हिन्दी-पत्रकारिता को दिशाबोध दिया है, उसकी विरासत को अग्रेषित किया है और सही अर्थों में प्रतिमान के रूप में मान्य हुए हैं। ऐसा नहीं है कि यह सूची इन्हीं तक सीमित है। वस्तुतः यह एक श्रृंखला की पहली कड़ी है। ये चौदह सम्पादक बिहार के विश्वविद्यालयों के एम.ए. के पाठ्यक्रमों में सम्मिलित किए गए हैं इसलिए सर्वप्रथम इन्हीं को केन्द्र में रखकर पुस्तक का पहला खंड प्रस्तुत किया जा रहा है। उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को इसमें अपेक्षित सूचनाएँ मिल पायेंगी, ऐसा विश्वास है।
Hindi
9789348229885
Communication and Media Studies
070 R18H
Hindi-patrakarita Ke Pratiman /Satish Kumar Roy - New Delhi: Lokbharti Prakashan, 2024. - 228p. ; 24cm.
पुस्तक हिन्दी के चौदह उन सम्पादकों पर केन्द्रित है जिन्होंने हिन्दी-पत्रकारिता को दिशाबोध दिया है, उसकी विरासत को अग्रेषित किया है और सही अर्थों में प्रतिमान के रूप में मान्य हुए हैं। ऐसा नहीं है कि यह सूची इन्हीं तक सीमित है। वस्तुतः यह एक श्रृंखला की पहली कड़ी है। ये चौदह सम्पादक बिहार के विश्वविद्यालयों के एम.ए. के पाठ्यक्रमों में सम्मिलित किए गए हैं इसलिए सर्वप्रथम इन्हीं को केन्द्र में रखकर पुस्तक का पहला खंड प्रस्तुत किया जा रहा है। उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को इसमें अपेक्षित सूचनाएँ मिल पायेंगी, ऐसा विश्वास है।
Hindi
9789348229885
Communication and Media Studies
070 R18H


