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Mahadevi Verma: (Record no. 47542)

MARC details
000 -LEADER
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003 - CONTROL NUMBER IDENTIFIER
control field RNL
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008 - FIXED-LENGTH DATA ELEMENTS--GENERAL INFORMATION
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020 ## - INTERNATIONAL STANDARD BOOK NUMBER
ISBN 9788119092161
040 ## - CATALOGING SOURCE
Original cataloging agency RCL
082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER
Classification number H3109 V61MS
245 ## - TITLE STATEMENT
Title Mahadevi Verma:
Sub Title Srijan Sarokar
Statement of responsibility, etc /Niranjan Sahay, Amit Kumar..Ed
260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC.
Place of publication New Delhi:
Name of publisher Radha Krishnan Privet Ltd,
Year of publication 2023.
300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION
Number of Pages 256p. ;23cm.
520 ## - SUMMARY, ETC.
Summary, etc आधुनिक काव्य-जगत में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण कवयित्री के रूप में समादृत महादेवी वर्मा की लोकप्रियता जितनी व्यापक है, उनके रचना-संसार को देखने-परखने की प्रविधियाँ भी उसी तरह अनेक रही हैं। इस पुस्तक में उनकी रचनात्मकता को समझने की जितनी पद्धतियाँ अब तक सामने आई हैं, उन सभी को संयोजित करने का प्रयास किया गया है ताकि उनके अवदान को लेकर हमारी समकालीन समझ दुरुस्त हो सके। महादेवी वर्मा का काव्य-संसार जितना अमूर्त और भावपरक है, उनका गद्य-संसार उतना ही मूर्त और मुखर। यद्यपि सजग और सुधी पाठक चाहे तो उनकी कविताओं में भी तृप्ति और अतृप्ति के दारुण मनोभावों और स्त्री की विकलता से उपजे भावनात्मक विद्रोह को समझ और परख सकता है। इसी तरह उनके गद्य में भी विचार की गहराई और विस्तार, स्मृति तथा परिवेश के सूक्ष्म प्रेक्षण से उपजी अनेक महीन अर्थछवियों को देखा जा सकता है। इस पुस्तक में उन सभी सिरों को पकड़ने का प्रयास किया गया है ताकि उनके रचना-कर्म का एक सम्पूर्ण ख़ाका बनाया जा सके। पुस्तक के तीन खंड हैं। ‘धरोहर’ खंड में महादेवी के समकालीन पन्त और उनकी कविता के आरम्भिक भाष्यकारों की आलोचना को स्थान दिया गया है। आत्मकथन-खंड में स्वयं उन्हीं की अभिव्यक्तियों को शामिल किया गया है। साहित्य संसार में शिक्षा के सम्यक दृष्टिकोण को अकसर पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता। इस खंड में शामिल महादेवी का लेख ‘शिक्षा का उद्देश्य’ उनकी चिन्तन परिधि की व्यापकता का अहसास कराता है। अन्तिम खंड का शीर्षक है ‘आस्वाद के नए धरातल’। इस खंड में बिलकुल नए ढंग से महादेवी वर्मा की विभिन्न रचनाओं के भाष्य की एक पीठिका निर्मित करने का प्रयास किया गया है।
546 ## - LANGUAGE NOTE
Language note Hindi
650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM
Topical Term Mahadevi Verma biography.
700 ## - ADDED ENTRY--PERSONAL NAME
Personal name Sahay, Niranjan..Ed
700 ## - ADDED ENTRY--PERSONAL NAME
Personal name Kumar, Amit..Ed
942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA)
Koha item type Books
Holdings
Full call number Accession Number Lost status Damaged status Price effective from Koha item type Not for loan Collection code Withdrawn status Home library Current library Shelving location Date acquired Cost, normal purchase price
H3109 V61MS 65264     12/09/2025 Books   Hindi Books   RCL RCL General Stacks 10/24/2025 895.00

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