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Asmitamulak Vimarsh Ke Vividh Aayam (Record no. 48090)

MARC details
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003 - CONTROL NUMBER IDENTIFIER
control field RNL
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008 - FIXED-LENGTH DATA ELEMENTS--GENERAL INFORMATION
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020 ## - INTERNATIONAL STANDARD BOOK NUMBER
ISBN 9789395014229
040 ## - CATALOGING SOURCE
Original cataloging agency RCL
082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER
Classification number H308624 SH17A
245 ## - TITLE STATEMENT
Title Asmitamulak Vimarsh Ke Vividh Aayam
Statement of responsibility, etc / Rajendra Sah..Ed
246 ## - VARYING FORM OF TITLE
Title proper/short title अस्मितामूलक विमर्श : विविध आयाम
260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC.
Place of publication New Delhi:
Name of publisher Akshar Publishers & Distributors,
Year of publication 2023.
300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION
Number of Pages viii, 350p. ; 20cm.
520 ## - SUMMARY, ETC.
Summary, etc यह किताब समकालीन समाज में अस्मितामूलक विमर्श के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, साहित्यिक सहित विभिन्न संदर्भों की गहन पड़ताल करने का प्रयास करती है। हमारे समाज में मौजूद विभिन्न अस्मिताएं जैसे जाति, लिंग, धर्म, भाषा, क्षेत्र और वर्ग आदि के इर्द-गिर्द आज के वैश्वीकृत युग में व्यक्तिगत और सामूहिक चेतना का आधार बन चुकी हैं। यह किताब इन जटिल आयामों को समझने और उनके अंतर्संबंधों को समझने का एक प्रयास है। हिंदी साहित्य के मर्मज्ञ विद्वानों के आलेखों का यह संकलन अस्मिता से जुड़े विमर्श को विभिन्न दृष्टिकोणों से देखने का प्रयास करता है। प्रस्तुत किताब में स्त्रीवादी चिंतन, दलित साहित्य, आदिवासी अस्मिता, भाषाई विविधता, किन्नर विमर्श और डिजिटल युग में अस्मिता की बदलती परिभाषाओं जैसे विषयों पर आलेख शामिल हैं। ये आलेख न केवल अस्मितामूलक विमर्श के सिद्धांत पर बात करते हैं बल्कि व्यावहारिक उदाहरणों और अनुभवजन्य अध्ययनों के माध्यम से अस्मिता के सामाजिक प्रभावों को भी रेखांकित करते हैं। 'अस्मितामूलक विमर्श: विविध आयाम' सुधि पाठकों को यह समझने में मदद करती है कि कैसे अस्मिता व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन बनाती है और कैसे यह शक्ति संरचनाओं को चुनौती देती है। आशा है यह किताब शिक्षाविदों, शोधार्थियों, साहित्य प्रेमियों और सामाजिक परिवर्तन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यह हमें अपने समाज की विविधता को समझने और उसे समावेशी बनाने की दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित करती है। यह किताब न केवल वैचारिक बहस को बढ़ावा देती है बल्कि अस्मिता के सवालों को संवेदनशीलता और गहराई के साथ देखने का अवसर भी प्रदान करती है। यह किताब हमें यह बताती है कि अस्मिता केवल एक अवधारणा नहीं, बल्कि मानव जीवन और सम्पूर्ण मानवता का जीवंत दर्पण है।
546 ## - LANGUAGE NOTE
Language note Hindi
650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM
Topical Term Women Rights.
650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM
Topical Term casteism.
650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM
Topical Term Human Rights.
700 ## - ADDED ENTRY--PERSONAL NAME
Personal name Sah, Rajendra ..Ed
942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA)
Koha item type Books
Holdings
Full call number Accession Number Lost status Damaged status Price effective from Koha item type Not for loan Collection code Withdrawn status Home library Current library Shelving location Date acquired Cost, normal purchase price
H308624 SH17A 65878     04/06/2026 Books   Hindi Books   RCL RCL General Stacks 03/09/2026 1495.00

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