/ 3



Amazon cover image
Image from Amazon.com
Image from Google Jackets
Image from OpenLibrary

Navjagran Brahmanvad aur Loktantra /Jagdishwar Chaturvedi

By: Material type: TextTextPublication details: New Delhi: Anamika Publishers & Distibutors, 2025.Description: 167pISBN:
  • 9789364105095
Subject(s): DDC classification:
  • H39 C324N
Summary: प्रस्तुत पुस्तक में­ 16 अध्याय हो। यह पुस्तक बुनियादी रुप से रेनेसां के प्रसंग में­ इंटरनेट पर मोने जो व्याख्यान दिए हो। उसका एक अंश है। इन व्याख्यानों के माध्यम से रेनेसां के विभिन्न पहलुओं को खोलने की कोशिश की गई है। यहां पर वे सवाल बुनियादी तौर पर केंद्र में­ हो जिनका लोकतंत्रा के साथ संबंध है और जो हमारे आज के भारत को समझने में­ इससे मदद मिल सकती है। साथ ही उन तमाम पहलुओं की चर्चा की गई है जो लोकतंत्र के लिए चुनौती बनकर खड़े हुए हो। इस किताब के परिप्रेक्ष्य के केंद्र में­ महाराष्ट्र और बंगाल का नवजागरण, स्वाधीनता संग्राम, महात्मा गांधी और साम्प्रदायिक राजनीति है। आशा है , समाज विज्ञान और साहित्य के अध्येताओं को इसम­ व्यक्त विचारों और सामग्री से मदद मिलेगी। साथ ही नवजागरण का नया परिप्रेक्ष्य जानने का मौका मिलेगा।
Tags from this library: No tags from this library for this title. Log in to add tags.
Star ratings
    Average rating: 0.0 (0 votes)
Holdings
Item type Home library Collection Call number Materials specified Status Date due Barcode
Books Books RCL Hindi Books H39 C324N (Browse shelf(Opens below)) Available 65506
Books Books RCL Hindi Books H39 C324N (Browse shelf(Opens below)) Available 65470

प्रस्तुत पुस्तक में­ 16 अध्याय हो। यह पुस्तक बुनियादी रुप से रेनेसां के प्रसंग में­ इंटरनेट पर मोने जो व्याख्यान दिए हो। उसका एक अंश है। इन व्याख्यानों के माध्यम से रेनेसां के विभिन्न पहलुओं को खोलने की कोशिश की गई है। यहां पर वे सवाल बुनियादी तौर पर केंद्र में­ हो जिनका लोकतंत्रा के साथ संबंध है और जो हमारे आज के भारत को समझने में­ इससे मदद मिल सकती है। साथ ही उन तमाम पहलुओं की चर्चा की गई है जो लोकतंत्र के लिए चुनौती बनकर खड़े हुए हो। इस किताब के परिप्रेक्ष्य के केंद्र में­ महाराष्ट्र और बंगाल का नवजागरण, स्वाधीनता संग्राम, महात्मा गांधी और साम्प्रदायिक राजनीति है। आशा है , समाज विज्ञान और साहित्य के अध्येताओं को इसम­ व्यक्त विचारों और सामग्री से मदद मिलेगी। साथ ही नवजागरण का नया परिप्रेक्ष्य जानने का मौका मिलेगा।

Hindi

There are no comments on this title.

to post a comment.

Find us on the map

Contact Us

RAMANUJAN COLLEGE UNIVERSITY OF DELHI, KALKAJI, NEW DELHI 110019
library@ramaanujan.du.ac.in
011-35002219
https://library.ramanujancollege.ac.in/
ramanujancollegelibrary
                                 
Customized & Maintained by Department of Library